हेमंत सरकार की नियत में खोट:- डॉ.लुइस मरांडी

सूबे की पूर्व समाज कल्याण मंत्री डॉ.लुइस मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नियत में खोट है। कहा कि उच्च न्यायालय में सरकार की ओर से नियोजन नीति पर मजबूती से समग्र तथ्यों को नहीं रखे जाने की वजह से आज हाई स्कूल में नियुक्त शिक्षकों के अलावा रघुवर सरकार के कार्यकाल में की गई नियुक्तियों पर आंच आई है और इसकी वजह से हजारों परिवार सड़क पर आने की स्थिति में आ गए हैं। हेमंत सरकार की मंशा नियोजन के नाम पर महज छलावा और राजनीति करने की रही है जो उच्च न्यायालय के आदेश के बाद और परिलक्षित हुई है। डॉ.लुइस ने कहा कि अगर सरकार की मंशा सही होती तो आज यह नौबत सामने नहीं आती। कहा कि रघुवर सरकार के कार्यकाल में लिए गए नीतिगत फैसलों पर वर्तमान सरकार जानबूझकर प्रहार कर यहां के आदिवासी-मूलवासी के अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है। कहा कि 13 शिड्यूल जिलों में 10 साल तक रोजगार देने की मंशा से रघुवर सरकार ने जो नीतिगत फैसला लिया था वह बिल्कुल राज्यहित और यहां के परिस्थितियों के अनुकूल लिया गया निर्णय है जिसे कोर्ट में मजबूती से रखा जाना चाहिए था। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद हेमंत सरकार को तत्काल यहां के नौजवानों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई के लिए आगे आना चाहिए न कि दुर्भावना से ग्रस्त होकर बयानबाजी करना चाहिए। कहा कि अगर हेमंत सरकार में जरा भी नैतिकता है तो हजारों लोगों नौकरियों को बचाने की दिशा में बिना किसी भेदभाव के सकरात्मक रूख अख्तियार करे ताकि इस कोविड काल में हजारों परिवार बर्बाद होने से बच सके।ना कि 1 बार फिर आम चुनाव के पूर्व की भाँति राज्य के मूलवासी और आदिवासी के आँखो में धूल झोकने की ओछि राजनीति का प्रयास हो।

रिपोर्ट- आलोक रंजन Alok Ranjan

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